पांच तीरथ घर माही रे संतो भजन लिरिक्स
पांच तीरथ घर माही रे संतो, दोहा - माता तीर्थ पिता तीर्थ, और तीर्थ ज्येष्ठ बंधवा, वचने वचने गुरू तीर्थ,...
Read moreDetailsपांच तीरथ घर माही रे संतो, दोहा - माता तीर्थ पिता तीर्थ, और तीर्थ ज्येष्ठ बंधवा, वचने वचने गुरू तीर्थ,...
Read moreDetailsजटे दुनिया तो दर्शन करवा, आवे मारा अवतारी, आवे मारा कलयुगी, थोरी लीला ओ बाबा थे जानो।। अरे जूनी खराडी...
Read moreDetailsगाड़ी रे म्हारी सीधी रूणिचा जाई, जामे बैठ चलो मेरा भाई। दोहा - मास भादवा मायने, जठे आवे भीड़ अपार,...
Read moreDetailsमीरा विष का प्याला पीगी जी, रामनाम की बैठ जहाज में, पार उतर गई रे, मीरा जहर का प्याला पीगी...
Read moreDetailsगाँव रे रणुजा रे माय, भईडा गाँव रे रणुजा रे माय, अजमलजी केवीजे, मोटा पाटवी रे ए जे हा, ए...
Read moreDetailsदाता मारा आवो आवो, उलारीया नाडा रे धाम, ओ मारा पुरण किजो काम, अरे भगत मनावे वेगा आवजो।। दाता मारा...
Read moreDetailsनाडोल वाली आशापुरा, भेरू ने बुलावे रे, जूनी धाम रा खेतला जी, भरी सभा में आवे रे, आवो रे लटीयाला...
Read moreDetailsसुख सागर में आय के, अरे इन भवसागर में आयके, मत जावो हंस प्यासा, मत जावो हंस प्यासा ए हा...
Read moreDetailsजाग जाग रूनीचे रा राजा, थाने जगावे थारा सेवकीया, जाग जाग रुणिचे रा राजा, थाने जगावे थारा सेवकीया, रूनीचा मे...
Read moreDetailsसन्मुख परचा देवे घनेरा, सनमुख परचा देवे घनेरा, मन रा काज सरिजे, भादरवे मेलो रणुजे भरीजे ए हा।। अरे सोवनी...
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