थारा भारत में गाया क्यों कटे गोवर्धन धारी रे लिरिक्स
थारा भारत में गाया क्यों कटे, गोवर्धन धारी रे थारा भारत में।। राग - कुचामण। मथुरा में कान्हा जन्म लियो,...
Read moreDetailsथारा भारत में गाया क्यों कटे, गोवर्धन धारी रे थारा भारत में।। राग - कुचामण। मथुरा में कान्हा जन्म लियो,...
Read moreDetailsसैया सतगुरु मन भाया जी, कृपा करी गुरुदेव ने, दर्शन पाया जी।। सोता जीव अज्ञान दशा में, गुरु जी आई...
Read moreDetailsसैया सतगुरु भल आया जी, कर हर गाज्यो इन शहर में, आनंद बरसाया ऐ।। दर्द मिटायो इन जीव रो, तन...
Read moreDetailsपांच नाग पकड़ कर लाया, प्रकट खेल रचाया, हेली जोगी जग में आया।। सत री संगत महापुरुष की लाया, खीलन...
Read moreDetailsभूल आई म्हारा कान्हा, जमुना किनारे म्हारी ओढ़नी, ओढ़नी जी ओढ़नी जी, ओढ़नी जी कान्हा ओढ़नी, भूल्याई मारा कान्हा, जमुना...
Read moreDetailsप्रणाम गुरुदेव जी ने बारम्बार, दोहा - गुरु को कीजिए बंदगी, कोटि कोटि प्रणाम, किट न जाने भृंग को, गुरुजी...
Read moreDetailsसैया सतगुरूजी ने देख्या जी, आज रो भलाई दिन उगियो, गुरू माने दर्शन दीना जी।। आज सैया आंबों मोरियो, सतगुरु...
Read moreDetailsसादा जीवन सुख से जीना, अधिक लड़ाना ना चाहिए, भजन सार है इस दुनिया में, कभी बिसरना ना चाहिए।। मन...
Read moreDetailsतेजाजी परणिजे रे, धोल्यो जाट परणिजे। दोहा - लीलण घोड़ी सोवणी, और सापो पलकादार, बिंद बण्या है तेजाजी, थे गावों...
Read moreDetailsपचरंग नेजा धारी पीर जी, दोहा - केसरियो बागों बणियो, तूरे तार हजार, बींद बणिया है रामदेव, रामा ही राजकुमार।...
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