कांवड़ उठा के जयकारा लगाके लिरिक्स
कांवड़ उठा के, जयकारा लगाके। दोहा - सावन आया, करलो सब तैयारी, काँधे पर उठा के कांवड़, छोड़ दो चिंता...
Read moreDetailsकांवड़ उठा के, जयकारा लगाके। दोहा - सावन आया, करलो सब तैयारी, काँधे पर उठा के कांवड़, छोड़ दो चिंता...
Read moreDetailsतुम्हें सब कुछ मिलेगा, पहले श्याम को मना, श्याम भर देंगे झोली, तू मना के देख ले।। मोहन को मनाना,...
Read moreDetailsजय शंभू जय जय शंभू, दोहा - काशीवाले देवघर वाले, भोले डमरू धारी, काशीवाले देवघर वाले, भोले डमरू धारी, खेल...
Read moreDetailsमंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। राम सियाराम सियाराम, जय जय राम।। होइ है वही जो राम रच...
Read moreDetailsरंगों की बहार आई लखदातार, बैठे सूरत बना के क्यों भोली, निकलो मंदिर से, खेलांगा श्याम होली, निकलो मंदिर से,...
Read moreDetailsसात सुरों की देवी सरस्वती, दे ऐसा वरदान, मधुर स्वरों में करता रहूं मैं, मधुर स्वरों में करता रहूं मैं,...
Read moreDetailsहे महारानी जग कल्याणी, वाहन तेरा विशाल है, शेर की सवारी माँ, तुम्हारी बेमिसाल है।bd। जब जब भीड़ पड़ी भक्तों...
Read moreDetailsमाँ कभी तो दरश दिखाएगी, माफ़ कर देगी माँ गुनाह मेरे, अपनी गोदी में माँ सुलाएगी, माँ कभी तो दरस...
Read moreDetailsअरी मैया कन्हैया की, शरारत क्या कहूँ नटखट की, गगरिया फोड़ दी मेरी, गगरिया फोड दी मेरी, की आकर पाछे...
Read moreDetailsकन्हैया धरती पे आया, चौपाई - जब जब होई धरम के हानी, बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी। तब तब प्रभु धरि...
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