कलयुग में बाबा श्याम ने वो काम किया है भजन लिरिक्स
कलयुग में बाबा श्याम ने, वो काम किया है, जो आया गिरते पड़ते, उसे थाम लिया है।। तर्ज - दुश्मन...
Read moreDetailsकलयुग में बाबा श्याम ने, वो काम किया है, जो आया गिरते पड़ते, उसे थाम लिया है।। तर्ज - दुश्मन...
Read moreDetailsहम कब से पड़े है, शरण तुम्हारी, सुनलो साँवरिया, हम कोई गैर नही, नौकर तेरे दरबार के हम है, सुन...
Read moreDetailsकर्फ्यू लग जायेगा, भीड़ लगी भारी खाटू में, के करवावेगा, ओ सांवरे कर्फ्यू लग जाएगा।। तर्ज - मतलब की इस...
Read moreDetailsचौखट पे तेरी लिखा, हारे का सहारा श्याम हमारा, हार के मैं भी आया, दे दो अब सहारा।। तर्ज -...
Read moreDetailsग्यारस की मैं धोक, बाबा खाटू में लगावांगा, थारे चरणा में रम जावांगा ग्यारस की म्हे धोक।। तर्ज - कीर्तन...
Read moreDetailsमुझे जीने का शौक नहीं, जीता हूँ खाटू आने को, हाल दिल का सुनाने को, हाल दिल का सुनाने को,...
Read moreDetailsमेरे सिर पर रख दो हाथ, मेरे खाटू वाले, दीनो के तुम हो नाथ, मेरे खाटू वाले, मेरे सर पर...
Read moreDetailsलाज जावेगी म्हारी, बात जावेगी, हाँ कर के मत नाटो, बाबा लाज जावेगी, बीच बाजार म्हारी, बात जावेगी, हाँ कर...
Read moreDetailsतेरे नाम के पागल है, हमें दुनिया की परवाह नहीं, तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं,...
Read moreDetailsना तो रूप है ना तो रंग है, ना तो गुणों की कोई खान है, फिर श्याम कैसे शरण में...
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