प्रभु पार्श्व तेरा दरबार मेरे मन को लुभाता है लिरिक्स
प्रभु पार्श्व तेरा दरबार, मेरे मन को लुभाता है, तेरी छवि देखकर दादा, मुझे चैन आता है, क्या खूब सजा...
Read moreDetailsप्रभु पार्श्व तेरा दरबार, मेरे मन को लुभाता है, तेरी छवि देखकर दादा, मुझे चैन आता है, क्या खूब सजा...
Read moreDetailsजय जय पारस, जीरावला पारस, जीरावला श्री पार्श्वनाथम, जगतपति जगदीवाकरम, सौम्याकृतिंम् मंगलकारम, आशापूरण शुभप्रदायम, जय जय पारस, जय जय पारस,...
Read moreDetailsऐसे भक्त कहाँ, कहाँ जग में ऐसे भगवान, संघ गुरु का समोशरण सा, चरणों में चारो धाम, ऐसे भक्त कहाँ,...
Read moreDetailsअर्हम वन्दो जय पारस देवा, अर्हम वन्दो (वन्दो), वन्दो (वन्दो), जय पारस देवा, वन्दो (वन्दो), वन्दो (वन्दो), जय पारस देवा।।...
Read moreDetailsपर्वो में पर्व पर्युषण न्यारा, पुण्य कमाई का अवसर आया, भादो का महीना धर्म सन्देशा लाया, पुण्य कमाई का अवसर...
Read moreDetailsसुदर्शन मुनि प्यारे, हमारे मन में, समाए जो पपीहा, मगन घन में।। तर्ज - सावन का महीना। शाशन की शान...
Read moreDetailsहो गुरुवर प्यारे, ये भक्त तुम्हारे, आये है तेरे द्वारे, गुरु चरणों की छाँव में, आज आये है ये, मालपुरा...
Read moreDetailsशिखरजी वाले पारस बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली।। दोहा - जमाने में कहाँ, टूटी हुई तस्वीर बनती है,...
Read moreDetailsकिस्मत पर नाज करूँ, जिन कुशल गुरु जो मिले, हर कदम ये हाथ पकड़, हरपल मेरे साथ चले, किस्मत पर...
Read moreDetailsबरसे धारा बरसे धारा बरसे धारा, गुरु ऋषभ की याद में, आंखों से ये बरसे धारा।। तर्ज - चल अकेला...
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