भवसागर तारण कारण हे गुरु वंदना लिरिक्स
भवसागर तारण कारण हे, रविनन्दन बन्धन खण्डन हे, शरणागत किंकर भीत मने, गुरुदेव दया कर दीनजने।। हृदिकन्दर तामस भास्कर हे,...
Read moreDetailsभवसागर तारण कारण हे, रविनन्दन बन्धन खण्डन हे, शरणागत किंकर भीत मने, गुरुदेव दया कर दीनजने।। हृदिकन्दर तामस भास्कर हे,...
Read moreDetailsमुझे तुमने सतगुरु, सब कुछ दिया है, तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।। तर्ज - तुम्ही मेरे मंदिर। तू ही...
Read moreDetailsहे गुरुदेव दया के सागर, दया करो सरकार, थां रै बिना मेरो, कोई ना पालनहार।। तर्ज - बार बार तोहे...
Read moreDetailsगुरुवर चरणों में, दे दे ठिकाना मुझे, मैं भटकता हूँ, राह दिखाना मुझे, राह दिखाना मुझे, गुरुवर चरणो में, दे...
Read moreDetailsना है शक्ति ना है भक्ति, प्रभु बालक तेरा दीवाना है, छोड़ के दर अब जाऊं कहां, तेरे चरणों में...
Read moreDetailsमेरे सर पर रखदो गुरुवर, अपने ये दोनों हाथ, देना हो तो दीजिए, जनम जनम का साथ।। इस जनम मे...
Read moreDetailsमोहे थाम ले गुरुवर आजा, मेरा बनके खिवैया आजा, बड़ा गहरा है भवर, कुछ आये ना नज़र, मोहे थाम लें...
Read moreDetailsमेरे सतगुरु तेरा शुक्रिया, तूने जीवन में सबकुछ दिया, शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया, तूने जीवन में सबकुछ दिया।। तर्ज - मुरली...
Read moreDetailsखबर नहीं है पल की, बात करे तू कल की, गफलत में सोया है, शरण में आ गुरुजन की, खबर...
Read moreDetailsकोई भाव से मेरे, सतगुरु को सजा दे, भाग्य जग जाएगा, भाग्य जग जाएगा।। तर्ज - ऐसे प्यार से मेरी।...
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