माँ ऊँचे पर्वत वाली करती शेरो की सवारी भजन लिरिक्स
माँ ऊँचे पर्वत वाली, करती शेरो की सवारी, अम्बे माँ, घर में पधारो मेरी माँ, अम्बे माँ, घर में पधारो...
Read moreDetailsमाँ ऊँचे पर्वत वाली, करती शेरो की सवारी, अम्बे माँ, घर में पधारो मेरी माँ, अम्बे माँ, घर में पधारो...
Read moreDetailsऊँचे पर्वत मैया का दरबार है, भक्तों का यहाँ होता बेड़ा पार है, मेरी मैया आदभवानी जगदम्बे, इसके चरणों मे...
Read moreDetailsचौकी तेरी माता रानिये, तेरे बच्चो ने कराई है। दोहा - प्रथमे गुरु वंदन करूँ, द्वितीये आद गणेश, त्रितये सुमिरूँ...
Read moreDetailsजगदम्बे कृपा कीजिए, शेरावाली कृपा कीजिए, जगदम्बे दया कीजिए, शेरावाली दया कीजिए, हमको अपनी शरण लीजिए।। उँचे पर्वत पे जा...
Read moreDetailsकभी दुर्गा बनके, कभी काली बनके, चली आना, मैया जी चली आना।। तर्ज - कभी राम बनके। ब्रम्हचारिणी रूप में...
Read moreDetailsबैकुंठ अगर दोगी मैया, भूलेंगे हर बार, हो सके तो नर्क ही देना, आती रहे तेरी याद।। तर्ज - चांदी...
Read moreDetailsबैठ नजदीक तू मेरी माँ के, हर कड़ी दिल की जुड़ने लगेगी, देख नजरो से नजरे मिला के, तुझसे बाते...
Read moreDetailsमेरी मैया तेरे दरबार ये, दीवाने आए है, भक्ति में तेरी डूब के ये, भक्ति में तेरी डूब के ये,...
Read moreDetailsमाँ करते तेरा वंदन, स्वीकार करो ना, भय मुक्त करो एक दानव, आया है कोरोना, हे जगत की पालन हार,...
Read moreDetailsमाँ देख तेरा श्रृंगार, करे दिल नाचण का, नाचण का दिल नाचण का, चाहे देखूं जितनी बार, करे दिल नाचण...
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