आरती अति पावन पुराण की लिरिक्स
आरती अति पावन पुराण की, धर्म भक्ति विज्ञान खान की।। देखे - श्री भागवत भगवान की है आरती। महापुराण भागवत...
Read moreDetailsआरती अति पावन पुराण की, धर्म भक्ति विज्ञान खान की।। देखे - श्री भागवत भगवान की है आरती। महापुराण भागवत...
Read moreDetailsजय हो रणबांकुरो की, मरुधर के शुर वीरों की, दिल में थी जिनके माँ भारती, वीरों की रुमझुम उतारे हम...
Read moreDetailsश्री शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रम्, श्रीमदात्मने गुणैकसिन्धवे नमः शिवाय, धामलेशधूतकोकबन्धवे नमः शिवाय। नामशेषितानमद्भावान्धवे नमः शिवाय, पामरेतरप्रधानबन्धवे नमः शिवाय।।१।। कालभीतविप्रबालपाल ते...
Read moreDetailsभागवत गीतम, ध्येयं सदा परिभवघ्नभीष्टदोहं, तीर्थास्पदं शिव विरंचिनुतं शरण्यं। भृत्यार्तिहं प्रणतपाल भवाब्धिपोतं, वन्दे महापुरुष थे चरणार्विंदम।। यूं प्रवजन्तमनुपेतमपेत कृत्यं, द्वैपायनो...
Read moreDetailsपुष्पांजलि गीत संपूर्ण मंत्र पुष्पांजलि, कर्पूर गौरम करूणावतारं, संसार सायं भुजगेन्द्र हारम्। सदा बसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानी सहितं नमामि।। सानन्द...
Read moreDetailsश्री कुशेश्वर स्त्रोत्र, सदा वसन्तं गिरिजा-समेतम्, गणनाथ नाथं, प्रभु विश्वनाथम्, करुणा स्वरुपं, प्रभु सौम्य रूपम् गिरिजा कुशेश्वर, प्रणमामि नित्यम्।। कृपा...
Read moreDetailsतेरी कृपा सबको, भव से तारती, शरण मिली राघव की, गाऊं आरती।। तर्ज - मन में बसाकर तेरी मूर्ति। दया...
Read moreDetailsओम जय क्षिप्रा मैया, श्लोक - ओम पय:स्वतीय विद्महे, उत्तर वाहिनी धीमहि, तन्नो मां क्षिप्रा प्रचोदयात्। ओम जय क्षिप्रा मैया,...
Read moreDetailsवेदसार शिव स्तव:, पशूनां पतिं पापनाशं परेशं, गजेन्द्रस्य क्रत्तिं वसानं वरेण्यम्। जटाजूटमध्ये स्फुरद्गांगवारिं, महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम्।१। महेशं सुरेशं सुरारार्तिनाशं, विभुं...
Read moreDetailsअम्बे भवानी तेरी आरती गाऊं, शिव पटरानी तेरी आरती गाऊं, आरती गाऊं मैया आपको मनाऊं, अंबे भवानी तेरी आरती गाऊं,...
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