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आरती संग्रह

Aarti Sangrah

मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की आरती लिरिक्स

मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की, मैं तो आरती उतारूँ रे, संतोषी माता की, जय जय संतोषी माता, जय जय माँ, जय जय संतोषी माता, जय जय माँ।। बड़ी...

सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी तेरा मैंने पार ना पाया आरती...

सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी, तेरा मैंने पार ना पाया, सुन मेरी देवी पर्वतवासनी, तेरा मैंने पार ना पाया।। पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले अम्बे तेरी भेंट चढ़ाया, सुन मेरी...

आरती गिरिजा नंदन की गजानन असुर निकंदन की लिरिक्स

आरती गिरिजा नंदन की, गजानन असुर निकंदन की।। तर्ज - आरती कुञ्ज बिहारी की। मुकुट मस्तक पर है न्यारा, हाथ में अंकुश है प्यारा, गले में मोतियन की माला, उमा...

जय शिवशंकर जय गंगाधर शिवाष्टक स्त्रोत्र लिरिक्स

जय शिवशंकर जय गंगाधर करूणाकर करतार हरे, जय शिवशंकर जय गंगाधर करूणाकर करतार हरे, जय कैलाशी जय अविनाशी सुखराशी सुखसार हरे, जय शशिशेखर जय डमरूधर जय जय...

श्री कृष्ण स्तुति पितामह भीष्म द्वारा रचित

श्री कृष्ण स्तुति पितामह भीष्म द्वारा रचित, -- भीष्म उवाच -- इति मतिरुपकल्पिता वितृष्णा भगवति सात्वतपुंगवे विभूम्नि। स्वसुखमुपगते क्वचिद्विहर्तुं प्रकृतिमुपेयुषि यद्भवप्रवाह:।।1।। त्रिभुवनकमनं तमालवर्णं रविकरगौरवराम्बरं दधाने। वपुरलककुलावृताननाब्जं विजयसखे रतिरस्तु मेSनवद्या।।2।। युधि...

शिव तांडव स्तोत्रम लिरिक्स जटा टवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले

शिव तांडव स्तोत्रम लिरिक्स, जटा टवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले, गलेवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्ग तुङ्ग मालिकाम्, डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं, चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्।। जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिम्प निर्झरी, विलो लवी चिवल्लरी...

आरती श्री दशा माता की कष्ट सभी के ये निवारती लिरिक्स

आरती श्री दशा माता की, कष्ट सभी के ये निवारती, मंगल मूर्ति संकट हरणी, मंगलमय माँ दशा की आरती, आरती श्रीं दशा माता की, कष्ट सभी के ये निवारती।। माँ...

जगजननी जय जय माँ जगजननी जय जय आरती लिरिक्स

जगजननी जय जय, माँ जग-जननी जय जय, भयहारिणि भवतारिणि, भवभामिनि जय जय, ॐ जगजननी जय जय।। तू ही सत चित सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा, सत्य सनातन सुंदर, परशिव सुर भूपा, ॐ जग-जननी जय जय।। आदि...

आरती कीजे शैल सुता की जगदम्बाजी की आरती लिरिक्स

आरती कीजे शैल सुता की, जगदम्बा की आरती कीजे, आरती कीजे जगदम्बा की, आरती कीजे शैंल सुता की।। स्नेह सुधा सुख सुन्दर लीजै, जिनके नाम लेट दृग भीजै, ऐसी वह...

आरती अवध बिहारी की दयामयी जनकदुलारी की लिरिक्स

आरती अवध बिहारी की, दयामयी जनकदुलारी की।। सिंहासन सोहे युगल सरकार, परस्पर हँसी हेरत हर बार, मधुर कछु बोल लेत मन मोल, ललित छवि प्रीतम प्यारी की, दयामयी जनकदुलारी की, आरतीं...

कृष्ण भजन लिरिक्स

फ़िल्मी तर्ज भजन

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