भरी सभा में थाने मनाऊं,
दौहा – आय भवानी वास कर,
मेरे घट के पट दे खोल,
रसना पर वासा करो,
मैया सुध शब्द मुख बोल।
भरी सभा में थाने मनाऊं,
तू आज्या मात ज्वाला,
सिंग पे चढके आज्या भवानी,
लेके लम्बा भाला माँ।।
धौलागढ़ में भवन मात तेरा,
उंचा फरूके झण्डा मां,
दुर देशांरां आवे जातरी,
लेकर झोली झण्डा मां,
चढने चढ़ाव पान सुपारी,
बंटरेया हलवा मंडा मां,
थारी शरण मे मौज करे मां,
भगत पुजारी पंडा मां,
शंख और घड़ियाल बाजरया,
उंचा बण्या दिवाला,
सिंग पे चढके आज्या भवानी,
लेके लम्बा भाला माँ।।
इक दिन सुमरी हनुमान ने,
लंका फूंक जलाई मां,
जानी चौर मां थाने सिंवर के,
छतराणी छुड़वाई मां,
आला उतल थाने सिंवर के,
बावन लड़ी लड़ाई मां,
जगह जगह पर भवन मात तेरा,
घर -घर मे पुजवाई मां,
पल्लू में है मां ब्रह्माणी,
गल पुष्पो की माला माँ,
सिंग पे चढके आज्या भवानी,
लेके लम्बा भाला माँ।।
बावन भैरूं चौसट जोगणी,
संग मे लेकर आइये मां,
भक्त खड़या थारे मन्दिरिये मे,
आके दर्श दिखाइये मां,
बांई भुजा पर बैठ भवानी,
ज्ञान की ज्योत जगाइये मां,
मेरे हिरदे की खौल किवांड़ी,
ताल कंठ दर्शाईये मां,
ज्ञान ध्यान की ज्योत जगाकर,
कर घट में उजियाला,
सिंग पे चढके आज्या भवानी,
लेके लम्बा भाला माँ।।
दंगल में आए बिन मईया,
मेरा काम सरे ना मां,
एक काम मेरा सिध नही होता,
जब तक महर करे ना मां,
जिस पर होज्या महर आपकी,
वो नर कदे डरे ना मां,
छबीलदास मैया थारे भजन बिना,
गाना शुरू करे ना मां,
ख़ुश हो कर थारी करूं बड़ाई,
हरगिज करूं ना टाला,
सिंग पे चढके आज्या भवानी,
लेके लम्बा भाला माँ।।
गायक – पवन शर्मा चौहिल्यांवाली।
प्रेषक – समुन्द्र चेलासरी।
मो.- 8107115329








