बीच भँवर में अटकी है नैया,
आके बचा लो मेरे कृष्ण कन्हैया।।
तर्ज – सागर किनारे।
नैया को तेरा सहारा कन्हैया,
तू ही है माझी तू ही खेवैया,
डूब न जाए फिर मेरी नैया,
आके बचा लो मेरे कृष्ण कन्हैया।।
मेरा न कोई सहारा है माधव,
दूजा न कोई इशारा है माधव,
कैसे लगेगी किनारे मेरी नैया,
आके बचा लो मेरे कृष्ण कन्हैया।।
विश्वास है कि किनारा मिलेगा,
‘विशु’ को तेरा इशारा मिलेगा,
तुम ही संभालो बन के खेवैया,
आके बचा लो मेरे कृष्ण कन्हैया।।
बीच भँवर में अटकी है नैया,
आके बचा लो मेरे कृष्ण कन्हैया।।
Singer / Lyrics – Vishal Gupta
9582569332








