प्रथम पेज राजस्थानी भजन बन्दे तेरा रे नही रे ठिकाना चेतावनी भजन लिरिक्स

बन्दे तेरा रे नही रे ठिकाना चेतावनी भजन लिरिक्स

बन्दे तेरा रे नही रे ठिकाना,
एक ना एक रोज,
पडे़गा तुझे जाना रे,
बन्दें तेरा रे नहीं रे ठिकाना।।



बीत गया बचपन ढली रे जवानी,

आया रे बुढ़ापा देख रोया रे प्राणी,
बदल गया रे सब होके पुराना रे,
बन्दें तेरा रे नहीं रे ठिकाना।।



जैसा करा है तुने वैसा ही भरा है,

गीता के पन्नो में ये सब लिखा है,
मोह ममता से मन को हटाना रे,
बन्दें तेरा रे नहीं रे ठिकाना।।



दुनिया को कहते हो ये सब हमारे,

साथ जाये ना तेरे महल चोबारे,
खाली आया जग में खाली हाथ जाना रे,
बन्दें तेरा रे नहीं रे ठिकाना।।



‘राव राजेंदर’ मन में विचारा,

दिन बन्धु दीनानाथ एक है सहारा,
सिमरन करके मुक्ति को पाना रे,
बन्दें तेरा रे नहीं रे ठिकाना।।



बन्दे तेरा रे नही रे ठिकाना,

एक ना एक रोज,
पडे़गा तुझे जाना रे,
बन्दें तेरा रे नहीं रे ठिकाना।।

स्वर – राजकुमार जी स्वामी।
Upload – Rakesh Singh Poswal
8849216176


कोई टिप्पणी नही

आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।