बाल रूप मन्नै छोटा देखा बांधे लाल लंगोटा देखा

बाल रूप मन्नै छोटा देखा,
बांधे लाल लंगोटा देखा,
कांधे ऊपर सोटा देखा,
मेंहदीपुर दरबार में।।



सवामणी के छोटे छोटे लाडु,

खा क बाबा करदे स जादु,
भक्ति भरम भरोटा देखा,
बांधे लाल लंगोटा देखा,
कांधे ऊपर सोटा देखा,
मेंहदीपुर दरबार में।।



पेशी आवं मांगे सं मीठा,

होवः आरती लागः स छीटा,
गंगा जल का लोटा देखा,
बांधे लाल लंगोटा देखा,
कांधे ऊपर सोटा देखा,
मेंहदीपुर दरबार में।।



राम नाम की होरी स भक्ति,

जगमग जोत भवन में जगती,
संकट का गल घोटे देखा,
बांधे लाल लंगोटा देखा,
कांधे ऊपर सोटा देखा,
मेंहदीपुर दरबार में।।



फांसी कटती जीवन मरण की,

अशोक भक्त स धुल चरण की,
पांया के महां लोटया देखा,
बांधे लाल लंगोटा देखा,
कांधे ऊपर सोटा देखा,
मेंहदीपुर दरबार में।।



बाल रूप मन्नै छोटा देखा,

बांधे लाल लंगोटा देखा,
कांधे ऊपर सोटा देखा,
मेंहदीपुर दरबार में।।

गायक – नरेंद्र कौशिक जी।
प्रेषक – राकेश कुमार खरक जाटान(रोहतक)
9992976579


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