बड़े बन ठन के निकले बिहारी,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो,
तेरे भक्तों ने तुमको बुलाया,
किन भक्तों के घर जा रहे हो
बडे बन-ठन के निकले बिहारी,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो।।
देखे – बिन पिये नशा हो जाता है।
तुम हाथों में मेहंदी लगाए,
और अधरों पे मुरली सजाए,
अब मुरली बजा के कन्हैया,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो,
बडे बन-ठन के निकले बिहारी,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो।।
तेरे भक्तों ने कीर्तन कराया,
और कीर्तन में सबको बुलाया,
तुम कीर्तन में आके कन्हैया,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो,
बडे बन-ठन के निकले बिहारी,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो।।
तुम पैरों में घुंघरू बंधाए,
और खन खन के घुंघरू बजाएं,
तुम रास रचाने कन्हैया,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो,
बडे बन-ठन के निकले बिहारी,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो।।
पीला पटका कमर में बंधाए,
और मुकुटे को सर पे सजाए,
काली कमली को कांधे पे डाले,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो,
बडे बन-ठन के निकले बिहारी,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो।।
बड़े बन ठन के निकले बिहारी,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो,
तेरे भक्तों ने तुमको बुलाया,
किन भक्तों के घर जा रहे हो
बडे बन-ठन के निकले बिहारी,
ये बताओ कहाँ जा रहे हो।।
Singer – Didi Alka Goyal Ji
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








