बापरो रे कियो बेटो रे नही मोने एडो एडो कलजग आवे

बापरो रे कियो बेटो रे नही मोने एडो एडो कलजग आवे

बापरो रे कियो बेटो रे नही मोने,
चेला गुरु ने घरकावे राजपरिसद,
पोरो पापरो आवे है रे हा।।



अरे साला आवेतो गणो मन राजी रे,

पसे भाइयो में वेर चलावे राजापरिषद,
एडो एडो कलजग आवे।।



जीवतो मावित्रो ने रोटी नही देव,

हरे मुआ पसे गंगाजी राजा परिषद,
पोरो पापरो आवे है रे हा।।


सोले दनो रा श्राद मानव,
पसे कागलोने बाप वणावे राजा परिषद,
एडो कलजग आवे रे हा।।



हरे घर की नारी कियोरे नही मोने,

पसे परगर मुजा मोले राजपरिसद,
पोरो पापरो आवे है रे।।



कहत कबीरा सुणे रे भाई सादु,

हरे एडो एडो कलजग आवे राजा परिसद,
पोरो पापरो आवे है रे।।



बापरो रे कियो बेटो रे नही मोने,

चेला गुरु ने घरकावे राजपरिसद,
पोरो पापरो आवे है रे हा।।

– गायक एवं प्रेषक –
हाज़ाराम देवासी
8150000451


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