काटो रोग माँ काली आ दरबार में
काटो रोग माँ काली आ दरबार में, खींची चली आ ईन भगतां के प्यार में।। तर्ज - काली कमली वाला।...
काटो रोग माँ काली आ दरबार में, खींची चली आ ईन भगतां के प्यार में।। तर्ज - काली कमली वाला।...
चार जुगा पहले ऐसा मंडाण था, नाम की पहचान कोई, संत बिरला पहचानता रै है जी।। चार महिनो चतर मासो,...
जन्म दिवस ये तेरा, तुम कैसे मनाओगे, खाटू बुलाओगे या, तुम ही घर आओगे।। देखे - जन्म उत्सव आपका हम।...
छोड़ दुनिया को भूल, बनूँ चरणों की धूल, राधा आने वाली है, बरसाने वाली है, ये मेरी लाडली है, छोड़...
द्वार पे द्वार पे, दादा द्वार पे रे, तेरे द्वार पे रे, आये हर पूनम पे, तेरे द्वार पे रे,...
आया दीप उत्सव ये सुहाना, ज्योति प्रेम की मिलके जगाना, के दिन बड़ा पावन है, घर घर पर दीप जलाओ,...
जागो नी मारा सेठ साँवरा, दुनिया दर्शन आई जी, दुनिया दर्शन आई मारा कान्हा, दुनिया दर्शन आई जी, जागों नी...
आव आव अजमल जी रा लाला, भक्त बुलावे रे, ओ बाबा थाने भक्त बुलावे रे, बाबा बेगो आव।। और सगा...
दर दर की ठोकर खाकै, शरण मैं तेरी आ लिया, ले आँख खोल के देख, काली सिंह काल पा लिया।।...
जली है ज्योत जगमग, अवध नगर में, अवध नगर में हाँ, अवध नगर में, जली है जोत जग मग, अवध...
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