चली जा रही है उमर धीरे धीरे भजन लिरिक्स
चली जा रही है उमर धीरे धीरे, पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे, चली जा रही हैं उमर धीरे...
चली जा रही है उमर धीरे धीरे, पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे, चली जा रही हैं उमर धीरे...
बताऊँ क्या तुझको, साँवरे अपने दिल की बात, मन की पीड़ा मन ही जाने, मन की पीड़ा मन ही जाने,...
आज भरे दरबार करिश्मे, दिखलाएगी मोरछड़ी, हिरे मोती बरसेंगे, जब लहराएगी मोरछड़ी।। हमने भी देखे इसके, कितने खेल निराले है,...
नाम रो दीवानों ज्यारो, दोहा - राम नाम की लूट है, और लूट सके तो लूट, अंत समय पछतायेगा, तेरो...
सुतो राणो सुखभर नींद, मेवाड़ी राणा ओ, सुतो राणों सुखभर नींद, मेवाड़ी राणा ओ, सुता राणा ने सपनो आवियो, सुतोडा...
सारी सभा मिल बोलो राम राम, छंद - कहे सन्त सगराम, तू भोंदू भज रे पीव, बैठो क्यों सगराम कहे,...
साधु भाई निर्गुण खेल हमारा, छंद - क्या पूछो गम अगम की, रहत वचन के पार, जिभ्या पर आवे नहीं,...
जब जब तेरी मोरछड़ी लहराती है, खाटू की मिट्टी की खुशबु आती है, तेरी प्यारी सूरत में वो जादू, जो...
भूल से भी ना भुलाना, श्याम वादा कीजिए, प्रेम कर अब प्रेमियों से, मत किनारा कीजिए, भुल से भी ना...
मैं तो पत्थर उठा नहीं पाई, के बालू ले आई।। दोहा - एक गिलहरी बार बार, सागर में पूंछ भिगावे,...
© 2016-2026 Bhajan Diary