अब कई सोच करे रे मनवा भजन लिरिक्स
अब कई सोच करे रे मनवा, अब कईं सोच करे, गुरूदेव कहे जो होय मनवा, अब कईं सोच करे।। मारा...
अब कई सोच करे रे मनवा, अब कईं सोच करे, गुरूदेव कहे जो होय मनवा, अब कईं सोच करे।। मारा...
संग चले वीर हनुमान देवता सारा, तुम ऋद्धि सिद्धि ले घर आवो, गणपत प्यारा।। एक ब्रम्हाजी रा मंदिर बण्या हद...
गुरु जी पधारिया मेहमान, आज म्हारे आंगन में।। सतगुरु आया आनन्द छाया, फूला वाली सेज बिचाया, कंकु का तिलक लगाय,...
सतगुरु जी बेगा आवो जी, हरो हमारी पीर, हरो हमारी पीर, दयालु हरो हमारी पीर।। सतगुरु आवो शब्द सुनाओ, मुझे...
अलख निरंजन निज निराकारी, विभो नभ ज्यूँ अलख पसारी।। निर्गुण से सिर्गुण हो आया, ज्योति स्वरूप है आपकी माया। अलख...
केवे भाटी हरजी सुणो गुरुदेवा, जनम जनम बाबा करूँ चरणा की सेवा।। न कोई बात पीर जी आपके छाने, थोड़ी...
सिमरू माता शारदा, गणपत लागू पाए, सुण्डाले ने सिमरू, गणपत लागू पाय है, हरी खेऊ गुगल धूप हरी ने।। आगणौ...
म्हारा रोकड़िया हनुमान, दोहा - हनुमत तेरी धाक से, धूजे लंका कोट, करेली मजूरी राम की, तूने पायो लाल लंगोट।...
मेरे साँवरे के खेल तो निराले है, निराले है जी निराले है, निराले है जी निराले है, अपने भक्तों के...
लेके फिर अवतार कन्हैया, श्लोक - यदा यदा हि धर्मस्य, ग्लानिर्भवति भारत, अभ्युत्थानमधर्मस्य, तदात्मानं सृजाम्यहम्। परित्राणाय साधूनां, विनाशाय च दुष्कृताम्,...
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