अपनाया है कितनो को,
मुझको अपनाना,
कहलाऊं मैं भी प्रभु,
तेरा दीवाना।bd।
तर्ज – लो आ गई उनकी याद।
इसी तर्ज पे – लो आ गया अब तो श्याम।
जन्मों जनम का बाबा,
नाता हो तेरा मेरा,
बेगानों के शहर में,
है मेरा पर बसेरा,
कैसे निभेगी अपनी,
कोई जोग तू बिठाना,
अपनाया हैं कितनों को,
मुझको अपनाना।bd।
मैं जानता हूँ मेरी,
ख्वाहिश बहुत बड़ी है,
छूटेगी कैसे संग जो,
पापों की भी लड़ी है,
संभव तभी अगर हो,
तेरा इसे भूलाना,
अपनाया हैं कितनों को,
मुझको अपनाना।bd।
अपनाया है कितनो को,
मुझको अपनाना,
कहलाऊं मैं भी प्रभु,
तेरा दीवाना।bd।
Singer – Sanjay Mittal Ji








