ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें

ऐसी भक्ति हे शम्भू दे दो मुझे,
रात दिन मैं भजन तेरे गाता रहूं,
जैसा भी आए ग़म जिंदगी में मगर,
दो वो शक्ति की मैं मुस्कुराता रहूं,
ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें,
रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें।।

तर्ज – तुम अगर साथ देने का।



जब भी देखूं जहाँ और देखूं जिधर,

एक बस तू ही तू मुझको आए नजर,
दूसरा बिच में कोई आए अगर,
उसको सपना समझकर भुलाता रहूं,
ऐसी भक्ति महादेव दे दों हमें,
रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें।।



तार ऐसा जुड़े जो ना टूटे कभी,

दुनिया रूठे मगर तू ना रूठे कभी,
जीते जी तेरी चौखट ना छूटे कभी,
जिंदगी भर अलख मैं जगाता रहूं,
ऐसी भक्ति महादेव दे दों हमें,
रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें।।



हे दया आपकी जो ये दर्शन दिए,

इससे ज्यादा भला और क्या चाहिए,
तेरी झूठन के दो कोर मिलते रहे,
बोझ जो जिंदगी का उठाता रहूं,
ऐसी भक्ति महादेव दे दों हमें,
रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें।।



तेरी लागि जो लौ वो कभी ना बुझे,

भूल से भी कभी ना मैं भूलूँ तुझे,
भोले ऐसा दीवाना बना दो मुझे,
जाने के बाद भी याद आता रहूं,
ऐसी भक्ति महादेव दे दों हमें,
रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें।।



ऐसी भक्ति हे शम्भू दे दो मुझे,

रात दिन मैं भजन तेरे गाता रहूं,
जैसा भी आए ग़म जिंदगी में मगर,
दो वो शक्ति की मैं मुस्कुराता रहूं,
ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें,
रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें।।

स्वर – राकेश काला।


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