आज बुधवार है लम्बोदर का वार है भजन लिरिक्स

आज बुधवार है,
लम्बोदर का वार है,
जिसने पहले इनको पूजा,
उसका बेड़ा पार है।।

तर्ज – आज मंगलवार है।



जो नित नाम जपे इनका,

उसके घर वैभव आता है,
इनकी कृपा हुई जिसपर,
मन चाहा फल पाता है,
इनको दया अपार है,
लम्बोदर का वार है,
जिसने पहले इनको पूजा,
उसका बेड़ा पार है।।



कोई हो शुभ काम शुरू,

पहले ये पूजे जाते है,
भले देव सारे आए,
पहले गणेश जी आते है,
तभी सुखी परिवार है,
लम्बोदर का वार है,
जिसने पहले इनको पूजा,
उसका बेड़ा पार है।।



शिव नंदन है सबके प्यारे,

सबका साथ निभाते है,
अगर पुकारे भक्त कोई,
मूषक पे चढ़के आते है,
खुशियों की भरमार है,
लम्बोदर का वार है,
जिसने पहले इनको पूजा,
उसका बेड़ा पार है।।



प्यारे पुत्र है माँ गौरा के,

बिगड़े काम बनाते है,
बडी ख़ुशी से बड़े स्वाद से,
ये तो मोदक खाते है,
पूज रहा संसार है,
लम्बोदर का वार है,
जिसने पहले इनको पूजा,
उसका बेड़ा पार है।।



गणपति बप्पा को भारत में,

मन से पूजा जाता है,
घर में अस्थापित करके,
दरबार सजाया जाता है,
सब उनका उपकार है,
लम्बोदर का वार है,
जिसने पहले इनको पूजा,
उसका बेड़ा पार है।।



आज बुधवार है,

लम्बोदर का वार है,
जिसने पहले इनको पूजा,
उसका बेड़ा पार है।।


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