मेरे खाटू के राजा कब आओगे तुम भजन लिरिक्स

मेरे खाटू के राजा,
कब आओगे तुम,
आया फागुण का मेला,
कब आओगे तुम,
मैंने घर को सजाया,
कब आओगे तुम,
चले आ श्याम चले आ,
चले आ श्याम चले आ।।

तर्ज – मेरे सपनो की रानी।



खाटू में आके,

मेरी ये आँखे,
श्याम से मिलकर,
पूछ रही है,
श्याम खाटू से घर कब आओगे तुम,
मेरे खाटु के राजा,
कब आओगे तुम,
आया फागुण का मेला,
कब आओगे तुम।।



फागुण में आके,

निशान चढ़ा के,
तुमको देखा,
बस यही पूछा,
श्याम खाटू से घर कब आओगे तुम,
मेरे खाटु के राजा,
कब आओगे तुम,
आया फागुण का मेला,
कब आओगे तुम।।



क्या है भरोसा,

इस दुनिया का,
लोग मुझे पागल कह जाए,
‘प्रवीन सेठी’ को कैसे तारोगे तुम,
मेरे खाटु के राजा,
कब आओगे तुम,
आया फागुण का मेला,
कब आओगे तुम।।



मेरे खाटू के राजा,

कब आओगे तुम,
आया फागुण का मेला,
कब आओगे तुम,
मैंने घर को सजाया,
कब आओगे तुम,
चले आ श्याम चले आ,
चले आ श्याम चले आ।।

गायक – मास्टर लव।


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