महावीर प्रभु को ध्यालो,
जीवन को धन्य बनालो,
जो ज्ञान दिया प्रभु जी ने,
उस ज्ञान को हृदय बसालो,
जो वीर प्रभु का,
हर पल ध्यान लगाएगा,
भव सागर को वो त्याग,
मोक्ष पद पायेगा।।
तर्ज – तेरी आंख्या का यो।
माता त्रिशला जी के तो,
ये लालन प्यारे है,
और सिद्धारथ जी के तो,
ये राजदुलारे है,
है वर्धमान अति प्यारा,
दुनिया ने नाम पुकारा,
तज राज पाठ का वैभव,
था भेष दिगंबर धारा,
जो वीर प्रभु का,
हर पल ध्यान लगाएगा,
भव सागर को वो त्याग,
मोक्ष पद पायेगा।।
हिंसा को त्यागो भाई,
ये परम धर्म बतलाया,
अस्तेय अपरिग्रह ब्रह्मचर्य,
और सत्य का पाठ पढ़ाया,
जो इनकी शरण में आए,
मन की शांति वो पाए,
महावीर प्रभु की भक्ति,
जीवन को सफल बनाए,
जो वीर प्रभु का,
हर पल ध्यान लगाएगा,
भव सागर को वो त्याग,
मोक्ष पद पायेगा।।
अब क्रोध-मोह को छोड़ो,
और मन में दया जगाओ,
हर जीव में देखो प्रभु को,
और प्रेम सदा बरसाओ,
अब झूठ-कपट को त्यागो,
और सत की राह अपनाओ,
प्रभु महावीर के पथ पर,
सब अपने कदम बढ़ाओ,
जो वीर प्रभु का,
हर पल ध्यान लगाएगा,
भव सागर को वो त्याग,
मोक्ष पद पायेगा।।
महावीर प्रभु को ध्यालो,
जीवन को धन्य बनालो,
जो ज्ञान दिया प्रभु जी ने,
उस ज्ञान को हृदय बसालो,
जो वीर प्रभु का,
हर पल ध्यान लगाएगा,
भव सागर को वो त्याग,
मोक्ष पद पायेगा।।
Singer / Lyricist – Manoj Kumar Khare
Contact – 9584645408








