सावन के सोमारी हवे,
भीड़ बा अपार,
भोले बाबा हो नाही,
जलवा पाई हम ढार।।
लेके जल गंगा जी के,
खड़ा बानी हाथ हो,
फेरी दी नजरिया देवघर,
के भोलेनाथ हो,
कइले व्रत संघवा में,
बाडी हमरो नारी,
भोले बाबा हो नाही,
जलवा पाई हम ढार।।
बोल बम बोल बम के,
लागताटे नारा,
केहू जल ढारे केहू,
उतार ताटे भारा,
गूंजताटे चारों ओर,
खूबे जयकारी,
भोले बाबा हो नाही,
जलवा पाई हम ढार।।
दाया के दरस बाबा,
फेर दि ऊपरिया,
पानी खाड़ दुअरा पर,
खोल दी केवड़िया,
‘शर्मा’ सनेही पर,
करी ना विचारी,
भोले बाबा हो नाही,
जलवा पाई हम ढार।।
सावन के सोमारी हवे,
भीड़ बा अपार,
भोले बाबा हो नाही,
जलवा पाई हम ढार।।
🎤 गायक / Singer – Ramkumar Kushwaha
✍️ लेखक / Lyrics – Dr. Krishna Kumar Sharma
☎️ संपर्क / Contact – 9838706582








