मीरा समझावे थाने राणो ए,
साधा री सत्संग छोड़ दे,
आणो जाणो ए।।
सुण प्यारी मेवाड़ी मीरा,
सुण ले मारी बात,
सब पाखंड छोड़ दे तू तो,
छोड़ साधुड़ा रो साथ,
मत पेरे भगवा बानो ए,
साधा री सत्संग छोड़ दे,
आणो जाणो ए।।
मति लजाओ पीर सासरो,
जोधा रो परिवार,
ऊंच नीच बातां तो प्यारी,
मन रखो बिचार,
कहूँ मैं बात,
समझ की थाने ए,
साधा री सत्संग छोड़ दे,
आणो जाणो ए।।
सूरज वंश की तू है राणी,
वेश जरी का ओढ़,
राजमहल में बैठ साधा रो,
संगड़ो तू दे छोड़,
दासिया पर,
हुकम चलाणो ए,
साधा री सत्संग छोड़ दे,
आणो जाणो ए।।
देखे लोग पराया आपणा,
माने मिसरा बोले,
सूरज वंश री या है राणी,
साधा रे संग डोले,
राणा रो नाम,
नहीं है छानो ए,
साधा री सत्संग छोड़ दे,
आणो जाणो ए।।
साधा री सत्संग से राणा,
पायो दुर्लभ ज्ञान,
पायो नाम अमोलत हीरो,
तजियो हाथ से कौन,
भक्ति करके,
मने पिछाणो ए,
साधा री सत्संग छोड़ दे,
आणो जाणो ए।।
काड कटारो मारण लाग्यो,
पडयो धरण पे जाय,
एक मीरा की कई हो गई,
राणो गयो घबराय,
मीरा थे तो,
जादू जाणो ए,
साधा री सत्संग छोड़ दे,
आणो जाणो ए।।
मीरा समझावे थाने राणो ए,
साधा री सत्संग छोड़ दे,
आणो जाणो ए।।
👉 ये भी देखें – मीराबाई छोड़ो साधुड़ा वालो।
🎤 गायक / Singer – राजकुमार जी स्वामी।
✍️ लेखक / Lyrics – पारम्परिक।
📜 प्रेषक / Upload By – सीपी मालवीय।








