आज कन्हैया से कह दो,
अपने मन की बात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
प्रेम की भाषा को मेरा,
साँवरा जाने,
प्रेमियों के दर्द को,
ये ही तो पहचाने,
इनसे आज छुपाओ ना,
तुम अपने हालात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
भाव से मेरे कन्हैया,
रीझ जाते है,
प्रेम के बंधन में ये,
खींचे ही आते है,
इनकी महफ़िल में होती,
करुणा की बरसात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
ये तेरे विश्वास को,
ना टूटने देंगे,
पोंछ कर आसूँ तुझे,
गले से लगा लेंगे,
‘दीनू’ इन्ही से जीवन में,
पाई हर सौगात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
आज कन्हैया से कह दो,
अपने मन की बात,
किस्मत वालों को मिलती है,
ये कीर्तन की रात।।
Singer – Deepanshu Agarwal
Lyrics – Dinesh ji Mahensaria (Dinu Ji)








