तूफान में घिर गया हूँ छाए है मेघ काले भजन लिरिक्स

तूफान में घिर गया हूँ,
छाए है मेघ काले,
मजधार में फसा हूँ,
मजधार में फसा हूँ,
ओ श्याम खाटू वाले,
तुफान में घिर गया हूँ,
छाए है मेघ काले।।

तर्ज – मैं हूँ शरण में तेरी।



लिए पतवार हाथों में,

घनी काली सी रातों में,
बड़ा खोया सा है बाबा,
भगत तेरी ही यादों में,
अब देर ना लगाओ,
अब देर ना लगाओ,
आ जाओ मुरली वाले रे,
तुफान में घिर गया हूँ,
छाए है मेघ काले।।



इशारा गर जो हो जाए,

ये बेड़ा पार हो जाए,
दयालु की नजर मुझ पे,
जरा इक बार हो जाए,
जीवन किया है मैंने,
जीवन किया है मैंने,
अब तो तेरे हवाले रे,
तुफान में घिर गया हूँ,
छाए है मेघ काले।।



सुना उजड़े चमन तू ही,

सदा आबाद करता है,
तेरा ये ‘हर्ष’ रो रो कर,
तेरी फरियाद करता है,
इंकार ना सुनूंगा,
इंकार ना सुनूंगा,
इकरार करने वाले रे,
तुफान में घिर गया हूँ,
छाए है मेघ काले।।



तूफान में घिर गया हूँ,

छाए है मेघ काले,
मजधार में फसा हूँ,
मजधार में फसा हूँ,
ओ श्याम खाटू वाले,
तुफान में घिर गया हूँ,
छाए है मेघ काले।।

Singer – Atul Krishna Ji Vrindavan