देव जी सोभाखेड़ी,
माए बनयो देवरो,
थारे आवे आवे भगत हजार,
भगता की लजा राखिजो,
थारे आवे आवे भगत हजार,
भगता की लजा राखिजो।।
देवजी बांझा भी आवे ने,
शरने अरज करे,
अरे देवजी बांझा भी आवे ने,
शरने अरज करे,
योतो बांझा घर पालनियो बंधावे,
जो सोभाखेड़ी आई गयों।।
देवजी दुखिया भी आवे ने,
शरने अरज करे,
अरे देवजी ढूखिया भी आवे ने,
शरने अरज करे,
इना दुखिया रा दुखरा मिटावे,
जो सोभाखेड़ी आई गयो।।
सोभाखेड़ीं माई में म्हारा,
नारायण पुजवाया हो,
देवराज पंडाजी थारा,
सेवक प्यारा प्यारा हो,
देवराज पंडाजी थारी,
आरती उतारे हो,
अरे देवजी सोभाखेड़ी माए,
बनयो देवरो।।
देव जी सोभाखेड़ी,
माए बनयो देवरो,
थारे आवे आवे भगत हजार,
भगता की लजा राखिजो,
थारे आवे आवे भगत हजार,
भगता की लजा राखिजो।।
गायक – फूल सिंह गुर्जर।
प्रेषक – कृष्णा तोमर।








