नंदलाल गगरिया भर दे रे,
दोहा – खाली गगरी हाथ में,
ठाड़ी यमुना तीर,
भर दे गगरी सांवरे,
हरो हृदय की पीर।
नंदलाल गगरिया भर दे रे,
जमुना में मगर को डर लागे,
जमुना में मगर को डर लागे,
जमुना में मगर को डर लागे,
नन्दलाल गगरिया भर दे रे,
जमुना में मगर को डर लागे।।
भर दे ऊचा दे सिर पर रख दे,
चार कदम मेरे संग चल रे,
भर दे ऊचा दे सिर पर रख दे,
चार कदम मेरे संग चल रे,
नन्दलाल गगरिया भर दे रे,
जमुना में मगर को डर लागे।।
यूँ मत जाने कान्हा एकली दुकली,
सात सहेली म्हारे संग है रे,
यूँ मत जाने कान्हा एकली दुकली,
सात सहेली म्हारे संग है रे,
नन्दलाल गगरिया भर दे रे,
जमुना में मगर को डर लागे।।
यूँ मत जाने कान्हा बिना गाँव की,
बरसानो म्हारो गाँव रे,
यूँ मत जाने कान्हा बिना गाँव की,
बरसानो म्हारो गाँव रे,
नन्दलाल गगरिया भर दे रे,
जमुना में मगर को डर लागे।।
यूँ मत जाने कान्हा बिना नाम की,
राधा रंगीली म्हारो नाम रे,
यूँ मत जाने कान्हा बिना नाम की,
राधा रंगीली म्हारो नाम रे,
नन्दलाल गगरिया भर दे रे,
जमुना में मगर को डर लागे।।
नंदलाल गगरिया भर दे रे,
जमुना में मगर को डर लागे,
जमुना में मगर को डर लागे,
जमुना में मगर को डर लागे,
नन्दलाल गगरिया भर दे रे,
जमुना में मगर को डर लागे।।
🎤 Singer – Smrati Mourya
✍️ Lyrics – Traditional
Video By – Bhajan Diary








