दरबार तेरा बाबा,
छोड़ कर मैं ना जाऊँगा,
जितनी हो परीक्षा मेरी,
तेरा ही कहलाऊंगा।।
तर्ज – एक प्यार का नगमा।
दुनिया को मेरे बाबा,
मैं कभी भी ना भाया था,
आंसू से भरी आँखे,
खाटू ले कर आया था,
पोंछकर के मेरे आंसू,
मुझे गले लगाओगे,
जितनी हो परीक्षा मेरी,
तेरा ही कहलाऊंगा।।
अब दिल ना दुखाना मेरा,
ये बोल मुझे बाबा,
मंदिर मैं जगह नहीं,
तेरे लिए ओ बेटा,
सच कहता हूँ मर जाऊंगा,
गर तुमको ना मैं पाऊँगा,
जितनी हो परीक्षा मेरी,
तेरा ही कहलाऊंगा।।
जीवन ये मेरा बाबा,
एहसान तुम्हारा है,
कीर्तन से चल रहा,
परिवार हमारा है,
भावो मैं है प्राण बसे,
‘दुआ’ इतनी सी चाहूँगा,
जितनी हो परीक्षा मेरी,
तेरा ही कहलाऊंगा।।
दरबार तेरा बाबा,
छोड़ कर मैं ना जाऊँगा,
जितनी हो परीक्षा मेरी,
तेरा ही कहलाऊंगा।।
Singer / Lyrics – Monu Dua
9780791291








