मुझे ऐसा वर दे दो,
गुणगान करुँ तेरा,
इस बालक के सर पे,
प्रभु हाथ रहे तेरा।।
तर्ज – कहीं दीप जले कहीं दिल।
(राग – शिवरंजनी)
सेवा नित तेरी करुँ,
तेरे द्वार पे आऊँ मैं,
चरणों की धुलि को,
निज शीश लगाऊँ मैं,
निज शीश लगाऊँ मैं,
चरणामृत पाकर के,
नित कर्म करूँ मेरा,
इस बालक के सर पे,
प्रभु हाथ रहे तेरा।।
भक्ति और शक्ति दो,
अज्ञान को दूर करो,
अरदास करुँ गुरुवर,
अभिमान को चूर करो,
अभिमान को चूर करो,
नहीं द्वेष रहे मन में,
रहे साथ गुरु तेरा,
इस बालक के सर पे,
प्रभु हाथ रहे तेरा।।
विश्वास हो ये मन में,
तुम साथ ही हो मेरे,
तेरे ध्यान में सो जाऊँ,
सपनों में रहो मेरे,
सपनों में रहो मेरे,
चरणों से लिपट जाऊँ,
तुम ख्याल करो मेरा,
इस बालक के सर पे,
प्रभु हाथ रहे तेरा।।
मेरे यश कीर्ति को,
गुरु मुझसे दूर रखो,
इस मन मंदिर में तुम,
भक्ति भरपूर भरो,
भक्ति भरपूर भरो,
तेरी ज्योति जगे मन में,
नित ध्यान धरूँ तेरा,
इस बालक के सर पे,
प्रभु हाथ रहे तेरा।।
मुझे ऐसा वर दे दो,
गुणगान करुँ तेरा,
इस बालक के सर पे,
प्रभु हाथ रहे तेरा।।
Upload By – Pawan Singhal
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देखें – तेरे एहसान का बदला।








