मोहे मोर बनइयो राधा,
अपने वृंदावन को,
मैं नाच नाच झूम झूम,
तुमको रिझाऊंगी,
मोहे बंदर बनइयो तो,
बनइयो सेवा कुंज को,
मैं कूद फांद ब्रज में,
जोर दिखाऊंगी।।
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा।
मोहे भिक्षुक बनइयो तो,
बनइयो गोवर्धन को,
मैं मांग मांग टूक,
ब्रजवासियों के खाऊंगी,
मोहे रसिक बनइयो तो,
बनइयो बरसाने को,
मैं आठों याम,
राधा राधा नाम गाऊंगी।।
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा।
मोहे तिलक बनइयो राधा,
अपने मस्तक को,
तीनों लोकों के सर का,
ताज बन जाऊंगी,
मुझे कंठी बनइयो,
राधा अपने गले की,
मैं मीठो मीठो बोल,
जग अपनो बनाऊंगी।।
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा।
मोहे कंगन बनइयो राधा,
अपने हाथन को,
मैं दुनिया में सबसे,
अनमोल कहलाऊंगी,
मोहे पायल बनइयो,
राधा अपने चरणों की,
मैं छम छम कर सारा,
ब्रज घूम आऊंगी।।
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा।
मोहे मोर बनइयो राधा,
अपने वृंदावन को,
मैं नाच नाच झूम झूम,
तुमको रिझाऊंगी,
मोहे बंदर बनइयो तो,
बनइयो सेवा कुंज को,
मैं कूद फांद ब्रज में,
जोर दिखाऊंगी।।
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा।
Singer – Divya Tyagi








