समय ही हसाए,
समय ही रुलाए,
समय ने समय को ये,
क्या दिन दिखाए,
समय रूठ जाए,
तो सब छूट जाए।।
तर्ज – वो जब याद आए।
ये समय हर समय,
रंग बदलता रहे,
हर घड़ी ये नई,
चाल चलता रहे,
समय ने ही कान्हा को,
ग्वाला बनाया,
समय ने ही राम जी को,
बन बन घुमाए,
समय रूठ जाये,
तो सब छूट जाए।।
जब समय था सही,
लोग मिलते कई,
ये समय फिर गया,
हर नजर फिर गई,
जिन्हें जिंदगी भर,
हमने हसाया,
वो आंसू हमारे,
सुखाने ना आए,
समय रूठ जाये,
तो सब छूट जाए।।
इस समय से बड़ा,
‘पारस’ तू भी नहीं,
इस समय पे किसी का,
चला बस नहीं,
ये सच्चे वचन मेरे,
सत्यम सुनाए,
समय का ये पंछी,
लौट कर ना आए,
समय रूठ जाये,
तो सब छूट जाए।।
समय ही हसाए,
समय ही रुलाए,
समय ने समय को ये,
क्या दिन दिखाए,
समय रूठ जाए,
तो सब छूट जाए।।
Singer – Vinod Sadaiya Bundelkhand








