इन सांसो का भरोसा क्या,
पल भर में क्या हो जाएगा,
जब चिड़िया चुग जाएगी खेत,
फिर पाछे पछताएगा,
इन साँसो का भरोसा क्या,
पल भर में क्या हो जाएगा।।
कर सेवा दीन दुखियों की,
हरि भजन में अपने मन को लगा,
जो सोयी तेरी आतम है,
उठ जा तू उसको फिर से जगा,
गर अब भी किया ना तूने चेत,
हाथ मलता रह जाएगा,
इन साँसो का भरोसा क्या,
पल भर में क्या हो जाएगा।।
तू त्याग दे अभिमान को,
बस अपना ले गुरु ज्ञान को,
मन की आंखे तू खोल जरा,
अब दूर भगा अज्ञान को,
सत्कर्म के बीज से बो ले खेत,
अंत समय सुख पाएगा,
इन साँसो का भरोसा क्या,
पल भर में क्या हो जाएगा।।
इन सांसो का भरोसा क्या,
पल भर में क्या हो जाएगा,
जब चिड़िया चुग जाएगी खेत,
फिर पाछे पछताएगा,
इन साँसो का भरोसा क्या,
पल भर में क्या हो जाएगा।।
गायक – विजय सोनी।
9334120930








