डम डम डेरु बाजे रे भवन में,
गॉड बंगालन आई नाचे र भवन म।।
मोटे मोटे र नैन कंटीले,
बोले मजाजन बोल रसीले,
सुन सुन जी सा लागे र भवन म,
डम डम डेरु बाजे र भवन म,
गॉड बंगालन आई नाचे र भवन म।।
सबके संकट काटण आली,
घर घर बेटे बाटण आली,
भर भर बुकटे बाटे र भवन म,
डम डम डेरु बाजे र भवन म,
गॉड बंगालन आई नाचे र भवन म।।
स्वर्ग से सुंदर मां का दर स,
आनंद रंग भवन म बरसे,
गेल समईये नाचे र भवन म,
डम डम डेरु बाजे र भवन म,
गॉड बंगालन आई नाचे र भवन म।।
संगीता पांचाल मां का शरणा,
संजीत भजन करे सिर धर परणा,
मुकेश का गाणा बाजे र भवन म,
डम डम डेरु बाजे र भवन म,
गॉड बंगालन आई नाचे र भवन म।।
डम डम डेरु बाजे रे भवन में,
गॉड बंगालन आई नाचे र भवन म।।
लेखक – संजीत समोरा।
गायक – मुकेश शर्मा उरलानिया।
आशीर्वाद – संगीता पांचाल गन्नौर दरबार।








