मझधार में छोड़ चले,
क्यों अपने दीवाने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आंसू बहाने को।।
तर्ज – एक प्यार का नगमा।
इंतजार की हद तो श्याम,
कुछ तो होती होगी,
मेरे हाल को पढ़ करके,
कुछ तो सोची होगी,
आंधी का होता साथ,
ज्यूं दीये को बुझाने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आंसू बहाने को।।
गम के पिंजरे का मैं,
परकटा परिंदा हूँ,
सब कुछ सह करके मैं,
तेरी आस में जिन्दा हूँ,
देते हो औरों को,
क्या मुझको दिखाने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आंसू बहाने को।।
नजरों का बिछा के जाल,
क्या दिन ये दिखाना था,
आगे क्या कम थे दर्द,
जो और बढ़ाना था,
अब वक्त नहीं ‘गुट्टू’,
नजरों के फिराने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आंसू बहाने को।।
मझधार में छोड़ चले,
क्यों अपने दीवाने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आंसू बहाने को।।
Singer – Suraj Sharma
Lyrics – Guttu Sureka
Upload – Yash Sureka
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