प्रथम पेज हरियाणवी भजन यो संकट बैरी हो बालाजी जी त मारेगा लिरिक्स

यो संकट बैरी हो बालाजी जी त मारेगा लिरिक्स

यो संकट बैरी हो,
बालाजी जी त मारेगा।।



कदे सिर में कदे दर्द नाड़ मेंं,

चौबीस घंटे भीचुं जाड़ में,
ना छोडे बैरी हो,
बालाजी जी त मारेगा,
यों संकट बैरी हो,
बालाजी जी त मारेगा।।



हाथ पैर में बेड़ी पड़ज्या,

घर रहता कदे बहार लिकड़ज्या,
छिड़गया बैरी हो,
बालाजी जी त मारेगा,
यों संकट बैरी हो,
बालाजी जी त मारेगा।।



मरती नागण ज्युं डोलुं हो,

दुखी हुई झूठ ना बोलुं हो,
मैं होगी भहरी हो,
बालाजी जी त मारेगा,
यों संकट बैरी हो,
बालाजी जी त मारेगा।।



भक्त कपिल तेरे दर लयाया,

कप्तान शर्मा चाह में आया,
संकट बैरी हो,
बालाजी जी त मारेगा,
यों संकट बैरी हो,
बालाजी जी त मारेगा।।



यो संकट बैरी हो,

बालाजी जी त मारेगा।।

गायक – नरेंद्र कौशिक जी।
प्रेषक – राकेश कुमार खरक जाटान(रोहतक)
9992976579


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