आईए रे अंजनी के जाए अरे क्युकर लागया फेरा रे

आईए रे अंजनी के जाए अरे क्युकर लागया फेरा रे

आईए रे अंजनी के जाए,
अरे क्युकर लागया फेरा रे,
रे छः महीने के बाद मात का,
आज लिया बेरा रे।।



अरे श्रीराम के साथ रहुँ थी,

पटराणी की ढ़ाला रे,
पटराणी की ढ़ाला रे,
लखन लाल स दिल से प्यारा,
चुमती ने माला रे,
चुमती ने माला रे,
वो कर जा जान का गाला रे,
मेरा लंका के महां डेरा रे,
रे छः महीने के बाद मात का,
आज लिया बेरा रे,
आइये रे अंजनी के जाए,
अरे क्युकर लागया फेरा रे।।



अरे जिस बालक मात चली जा,

क्युकर जिया लागे रे,
क्युकर जिया लागे रे,
अरे भुखा प्यासा फिरता होगा,
वो श्रीराम के आगे रे,
रे श्रीराम के आगे रे,
कद भाग महारा जागे रे,
कद राम आवेगा मेरा रे,
रे छः महीने के बाद मात का,
आज लिया बेरा रे,
आइये रे अंजनी के जाए,
अरे क्युकर लागया फेरा रे।।



तु सात समुन्द्र चल क आया,

बेटा कुछ विश्राम करो,
बेटा कुछ विश्राम करो,
मेरे धोरः आ कः बैठ बेटा,
श्रीराम का ध्यान करो,
श्रीराम का ध्यान करो,
रे उनका भी गुणगान करो,
जिसको सबने टेरा रे,
रे छः महीने के बाद मात का,
आज लिया बेरा रे,
आइये रे अंजनी के जाए,
अरे क्युकर लागया फेरा रे।।



श्रीराम से जा क कहियो,

आ क ने ले ज्यावंगे,
आ क ने ले ज्यावंगे,
रमेश नांगलिया संग गुरू के,
उनके दर्शन पावेंगे,
उनके दर्शन पावेंगे,
मुक्ति भी वो चाहवेंगे जब,
राम लावेंगे गेड़ा रे,
रे छः महीने के बाद मात का,
आज लिया बेरा रे,
आइये रे अंजनी के जाए,
अरे क्युकर लागया फेरा रे।।



आईए रे अंजनी के जाए,

अरे क्युकर लागया फेरा रे,
रे छः महीने के बाद मात का,
आज लिया बेरा रे।।

गायक – नरेन्द्र कौशिक।
भजन प्रेषक – राकेश कुमार जी,
खरक जाटान(रोहतक)
( 9992976579 )


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