याद करे सारी जनता,
किकरिय रा राजा,
मन्दिर में आना,
मन्दिर में आना देवा,
भूल मत जाना,
याद करें सारी जनता,
नागण के लाला,
मन्दिर में आना।।
हाथ कटारी थारे,
माथे किलंगी है,
पहरण बागो सोहे,
सबको संगी है,
घोड़े पर जीन मंडाना,
किकरिय रा राजा,
मन्दिर में आना।।
दुर देशांरा बाबा,
आवे थारे जातरी,
जोत करे थारी,
जगावे रात्रि,
भक्तों पे रंग बरसाना,
किकरिय रा राजा,
मन्दिर में आना।।
किकरिया में देवा,
धाम तिंहारी,
नैण जाट थारा,
परम पुजारी,
सबके कष्ट मिटाना,
किकरिय रा राजा,
मन्दिर में आना।।
भक्त मंडल थारी,
महीमा गावे,
नित उठ चरणा माही,
ध्यान लगावे,
भक्त न दर्श दिखाना,
किकरिय रा राजा,
मन्दिर में आना।।
याद करे सारी जनता,
किकरिय रा राजा,
मन्दिर में आना,
मन्दिर में आना देवा,
भूल मत जाना,
याद करें सारी जनता,
नागण के लाला,
मन्दिर में आना।।
गायक – सुनील छिम्पा धन्नासर।
प्रेषक – समुन्द्र चेलासरी।
मो. – 8107115329








