तुम्हारी चौखट पे श्याम बाबा,
एक आंसू मेरा पड़ा हुआ है,
कभी वो रोना कभी बिलखना,
कभी वो रोना कभी बिलखना,
हर दर्द उसमें छिपा हुआ है।bd।
आंसू वो मेरा कागज के जैसा,
पढ़ोगे तुम जो लगेगा ऐसा,
है इसमें मिलने की मेरी तड़पन,
है इसमें मिलने की मेरी तड़पन,
तड़प तड़प के लिखा हुआ है,
तुम्हारी चौख़ट पे श्याम बाबा,
एक आंसू मेरा पड़ा हुआ है।bd।
चाहत ना उसकी बाबा बड़ी है,
निगाहें बस चरणों में गड़ी है,
चरणों को तेरे धोने को बाबा,
चरणों को तेरे धोने को बाबा,
बस अपनी जिद पे अड़ा हुआ है,
तुम्हारी चौख़ट पे श्याम बाबा,
एक आंसू मेरा पड़ा हुआ है।bd।
हाथ बढ़ाकर रोशन तू कर दे,
उठाकर अपने दिल में तू रख ले,
दुनिया क्या जाने ‘राखी’ ये आंसू,
दुनिया क्या जाने ‘राखी’ ये आंसू,
मोती सा बनके झड़ा हुआ है,
तुम्हारी चौख़ट पे श्याम बाबा,
एक आंसू मेरा पड़ा हुआ है।bd।
तुम्हारी चौखट पे श्याम बाबा,
एक आंसू मेरा पड़ा हुआ है,
कभी वो रोना कभी बिलखना,
कभी वो रोना कभी बिलखना,
हर दर्द उसमें छिपा हुआ है।bd।
Singer – Sanjeev Sharma
Lyricist – Rakhi Agarwal








