तुम जो कृपा करो तो मीट जाये विपदा सारी भजन लिरिक्स

तुम जो कृपा करो तो,
मिट जाये विपदा सारी,
ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी,
तुम हो दया के सागर,
क्या बात है तुम्हारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी।।

तर्ज – तुम जो चले गये तो होगी।



विघ्नौ को हरने वाले,

सुख शांति देने वाले,
मोह पाश काटते हो,
तुम भक्ति देने वाले,
तुमने रचाई श्रष्टि,
तुम ने ही है सवारा,
ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी,
ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी।।



तुम पहले पूजे जाते,

फ़िर काम बनते जाते,
आये शरण तिहारी,
मन चाहा फल है पाते,
मुझको गले लगा ले,
आया शरण तिहारी,
ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी,
ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी।।



लम्बे उदर में तुमने,

संसार है छिपाया,
सतगुण से है भरी हुई,
गणराज तेरी काया,
दुर्गुण पे सतगुणो सी,
ये मुस की सवारी,
ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी,
ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी।।



तुम जो कृपा करो तो,

मिट जाये विपदा सारी,
ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी,
तुम हो दया के सागर,
क्या बात है तुम्हारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,
गणनायक गजमुख धारी।।

गायक – मनीष तिवारी (इंदौर)


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