तू शब्दों का दास रे जोगी भजन लिरिक्स

तू शब्दों का दास रे जोगी,
तेरा क्या विश्वास रे जोगी।।



राम नहीं तू बन पाएगा,

राम नहीं तू बन पाएगा,
क्यों फिरता वनवास रे जोगी,
तू शब्दो का दास रे जोगी,
तेरा क्या विश्वास रे जोगी।।



इक दिन विष का प्याला पी जा,

इक दिन विष का प्याला पी जा,
फिर ना लगेगी प्यास रे जोगी,
तू शब्दो का दास रे जोगी,
तेरा क्या विश्वास रे जोगी।।



भर आई है मन की आँखे,

भर आई है मन की आँखे,
बह गए सब अरमान रे जोगी,
तू शब्दो का दास रे जोगी,
तेरा क्या विश्वास रे जोगी।।



इक पल के सुख की क्या कीमत,

इक पल के सुख की क्या कीमत,
दुख हैं बारह मास रे जोगी,
तू शब्दो का दास रे जोगी,
तेरा क्या विश्वास रे जोगी।।



ये सांसों का का बन्दी जीवन,

ये सांसों का का बन्दी जीवन,
किसको आया रास रे जोगी,
Bhajan Diary Lyrics,
तू शब्दो का दास रे जोगी,
तेरा क्या विश्वास रे जोगी।।



तू शब्दों का दास रे जोगी,

तेरा क्या विश्वास रे जोगी।।

स्वर – मोईनुद्दीन जी मनचला।
प्रेषक – आदेश त्रिपाठी।


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