तू ही राम कहीं तू ही श्याम कहीं भजन लिरिक्स

तू ही राम कहीं तू ही श्याम कहीं,
वीर महावीर प्रभु कहलाता,
तू ही तू बस नज़र आता,
दाता तू ही तू नज़र आता।।



तू ही तो राम और श्याम है,

मारे कंश कहीं तारे वंश कहीं,
नरसिंह का रूप कहीं दिखलाता,
तू ही तू बस नज़र आता,
दाता तू ही तू नज़र आता।।



तू ही तो गीता कुरान है,

तू ही ईशा मसीह तू वह गुरु,
तू ही शिवा तू ही खुदा कहलाता
तू ही तू बस नज़र आता,
दाता तू ही तू नज़र आता।।



तू ही तो धरती आसमान है,

सूरज चंदा कहीं दीप पतंगा कही,
तारों को ‘राजेंद्र’ जो चमकाता,
तू ही तू बस नज़र आता,
दाता तू ही तू नज़र आता।।



तू ही राम कहीं तू ही श्याम कहीं,

वीर महावीर प्रभु कहलाता,
तू ही तू बस नज़र आता,
दाता तू ही तू नज़र आता।।

गीतकार / गायक – राजेन्द्र प्रसाद सोनी।
8839262340


इस भजन को शेयर करे:

सम्बंधित भजन भी देखें -

कोई माँ तेरे जैसी दौलत नहीं है भजन लिरिक्स

कोई माँ तेरे जैसी दौलत नहीं है भजन लिरिक्स

कोई माँ तेरे जैसी, दौलत नहीं है, जरा सी भी तुझमें, नफरत नहीं है, कोईं माँ तेरे जैसी, दौलत नहीं है।। निगाहों ने देखे है, चेहरे हजारो, कोईं माँ तेरे…

गवलय जात में लियो रे अवतार पिपलीया में पाया अमर गति

गवलय जात में लियो रे अवतार पिपलीया में पाया अमर गति

गवलय जात में लियो रे अवतार, पिपलीया में पाया अमर गति।। माता गऊर का पुत्र कहाया, बाबा भीमा का पुत्र कहाया, गावे सखियाँ मंगलाचार, पिपलिया में पाया अमर गति, गवलय…

Bhajan Lover / Singer / Writer / Web Designer & Blogger.

Leave a Comment

error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे