तेरे लल्ला ने इतनो क्यों यशोदा सिर पे चढ़ावे रे भजन लिरिक्स

तेरे लल्ला ने,
इतनो क्यों यशोदा,
सिर पे चढ़ावे रे,
तेरें लल्ला ने,
लाड़ लाड़ में कहि कन्हैयो,
लाड़ लाड़ में कहि कन्हैयो,
बिगड़ ना जावे रे,
तेरें लल्ला ने।।

तर्ज – धमाल।



रोज सवेरे पनघट पे यो,

यार भाईला संग जावे,
भरी गागरी फोड़े कंकर,
भरी गागरी फोड़े कंकर,
जोर बगावे रे,
तेरें लल्ला ने,
तेरें लल्ला ने,
इतनो क्यों यशोदा,
सिर पे चढ़ावे रे,
तेरें लल्ला ने।।



ग्वाल बाल संग मेरो माखन,

चोरी करके खावे रे,
जतन कोई भी ऊके आगे,
जतन कोई भी ऊके आगे,
काम ना आवे रे,
तेरें लल्ला ने,
तेरें लल्ला ने,
इतनो क्यों यशोदा,
सिर पे चढ़ावे रे,
तेरें लल्ला ने।।



समझ रही तू जिन्हें गिगलो,

वो छोटो लल्लो तेरो,
बड़ा बड़ा के सिर पर मैया,
बड़ा बड़ा के सिर पर मैया,
हाथ फिरावे रे,
तेरें लल्ला ने,
तेरें लल्ला ने,
इतनो क्यों यशोदा,
सिर पे चढ़ावे रे,
तेरें लल्ला ने।।



बोली यशोदा मैं के बिगाडू,

मेरे ई लल्ला ने रे,
‘सोनू’ यो तो बिगड्योडा की,
‘सोनू’ यो तो बिगड्योडा की,
बिगड़ी बणावे रे,
तेरें लल्ला ने,
तेरें लल्ला ने,
इतनो क्यों यशोदा,
सिर पे चढ़ावे रे,
तेरें लल्ला ने।।



तेरे लल्ला ने,

इतनो क्यों यशोदा,
सिर पे चढ़ावे रे,
तेरें लल्ला ने,
लाड़ लाड़ में कहि कन्हैयो,
लाड़ लाड़ में कहि कन्हैयो,
बिगड़ ना जावे रे,
तेरें लल्ला ने।।

Singer – Raman Pareek


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