तेरे दर से माँ इतना मिला मेरा परिवार तुमसे पला भजन लिरिक्स

तेरे दर से माँ इतना मिला,
मेरा परिवार तुमसे पला,
अब रहा ना माँ कोई गिला,
फूल मन का तुझी से खिला।।

तर्ज – मुरली वाले तेरा शुक्रिया।



मेरा कोई नही था सहारा,

मैंने दुखड़ो में जीवन गुजारा,
तेरी किरपा का जादू चला,
दाग किस्मत का मेरा धुला,
अब रहा ना माँ कोई गिला,
फूल मन का तुझी से खिला।।



हाल दिल का जिसे माँ सुनाया,

मुझे पल में उसी ने भुलाया,
साथ जबसे माँ तेरा मिला,
टल गई है मेरी हर बला,
अब रहा ना माँ कोई गिला,
फूल मन का तुझी से खिला।।



लोग रोके माँ सुनते कहानी,

और हँसके उड़ाते भवानी,
क्या बताऊँ तुझे मैं भला,
जो मिला उसने मुझको छला,
अब रहा ना माँ कोई गिला,
फूल मन का तुझी से खिला।।



‘हर्ष’ तेरी शरण में जो आया,

जो ना सोचा था वो तुमसे पाया,
मन का दीपक तुझी से जला,
दिया भगती का तुमने सिला,
अब रहा ना माँ कोई गिला,
फूल मन का तुझी से खिला।।



तेरे दर से माँ इतना मिला,

मेरा परिवार तुमसे पला,
अब रहा ना माँ कोई गिला,
फूल मन का तुझी से खिला।।

Singer – Raju Raj


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