सुता सुता सुखभर नींद पूराजी मारा ओ

सुता सुता सुखभर नींद पूराजी मारा ओ

सुता सुता सुखभर नींद,
पूराजी मारा ओ।

दोहा – सुता सुता क्या करो,
सुता ने आवे नींद,
जम सिराने आय खडो,
तोरण आयो बिंद।
मन मरी ममता मरी,
मर मर गया शरीर,
आशा तृष्णा मरी तो,
केवे संत कबीर।
पच्चास वर्ष री अवस्था,
पूरोबा सुता नींदरा माय,
सुता ने सपनो आवियो,
माँ आशापुरा लगावे।



सुता सुता सुखभर नींद,

अरे सुता सुता सुखभर नींद,
पूराजी मारा ओ,
सुतोडा ने सपनो एडो आवियो,
अरे सुतोडा ने सपनो एडो आवियो।।



अरे पच्चास वर्ष री अवस्था मे,

अरे पच्चास वर्ष री अवस्था में,
सुता आशापुरा धाम रे,
अरे पच्चास वर्ष री अवस्था में,
सुता आशापुरा धाम रे,
अरे नाडावाला बेरा मे यु फिरे,
अरे नाडावाला बेरा मे यु फिरे।।



अरे भरी नींदरा सु देवी जगावे,

अरे भरी नींदरा सु देवी जगावे,
अरे उठ भगत मारा रे,
अरे भरी नींदरा सु देवी जगावे,
अरे भरी नींदरा सु देवी जगावे,
अरे उठ भगत मारा रे,
अरे गरीबों री करजे बेटा सहाय रे,
गरीबों री करजे बेटा सहाय रे।।



अरे नवायट रे ऊपर,

अरे नवायट रे ऊपरे,
देवासी पालाराम रे,
अरे नवायट रे मायने,
देवासी पालाराम रे,
जिन रे तो घर चोर आविया,
जिन रे घर तो चोर आविया।।



अरे भोलो भगत पालाराम,

अरे भोलो भगत पालाराम,
अरे जायने दूजे गाँव रे,
अरे भोलो भगत पालाराम,
अरे जायने दूजे गाँव रे,
अरे देवी तो ऊबी थारेे बारने,
अरे देवी तो ऊबी थारेे बारने।।



अरे भर नींदरा सु होया रवाने,

अरे भर नींदरा सु होया रवाने,
अरे नवायट मायरे,
अरे भर नींदरा सु होया रवाने,
अरे नवायट मायरे,
अरे जाय चोरा ने गेरीया।।



अरे देवासी रो धन बेटा,

पाचो इन ने देदो रे,
अरे देवासी रो धन बेटा,
पाचो इन ने देदो रे,
अरे लीला लेहर घर में होवसी,
अरे लीला लेहर घर में होवसी।।



अरे पालारामजी उठीया,

भर नींदरा माय रे,
अरे पालारामजी उठीया,
भर नींदरा रे माय रे,
अरे पूरोबा रे चरने वेतो लागीया,
अरे पोंख री भई लजीया राखी,
अरे पोंख री भई लजीया राखी,
अरे आप गुरू महाराज रे,
अरे पोंख री भई लजीया राखी,
आप गुरु महाराज रे,
अरे जन्म जन्म शरन राखजो।।



अरे थारी गवाडी भोला भगत,

कदी चोर नही आवे रे,
अरे थारी गवाडी मे भोला भगत,
कदी चोर नहीं आवे रे,
वचन सुनले पूरा भगत रा,
अरे वचन सुनले पूरा भगत रा,
अरे गावु गावु रे पूरोबा री महिमा,
अरे गावु गावु पूरोबा री महिमा,
गावु गावु पूरोबा री महिमा,
अरे अरज सुनो माता डोकरी,
अरे अरज सुनो आशापुरी मावडी।।



अरे सोलंकी परिवार माय,

भगत हुआ बडा भारी रे,
सोलंकी परिवार माय,
भगत हुआ बडा भारी रे,
अरे गाँव बिजोवा नगरी मायने,
अरे गाँव बिजोवा नगरी मायने।।

गायक – शंकर जी टाक।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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