सुख हो या दुःख प्यारे जब भी बुलाएगा भजन लिरिक्स

सुख हो या दुःख प्यारे,
जब भी बुलाएगा,
करले भरोसा बाबा,
दौड़ा दौड़ा आएगा,
सुख हो या दुःख प्यारें,
जब भी बुलाएगा।।

तर्ज – दीनानाथ मेरी बात।



श्याम से ही प्रीत जिसे,

श्याम की ही आस है,
प्रेमियों पे प्रेमी वही,
दुनिया में ख़ास है,
सांवरे के रंग जो तू,
मन को रँगायेगा,
करले भरोसा बाबा,
दौड़ा दौड़ा आएगा।।



सांवरे के हाथ में तू,

छोड़ पतवार को,
तेरे हर हाल की,
खबर सरकार को,
चरणों में आंसू जो,
तू भाव के बहायेगा,
करले भरोसा बाबा,
दौड़ा दौड़ा आएगा।।



मन में तू श्याम,

तन सेवा में रमाये ले,
दुखी और दीनो को,
गले से लगाए ले,
मिलने को तुझसे,
ये रुक नहीं पायेगा,
करले भरोसा बाबा,
दौड़ा दौड़ा आएगा।।



रूप कण कण में,

निहार श्री श्याम का,
श्याम के बिना,
जीवन किस काम का,
सच्ची प्रीत श्याम से,
‘तरुण’ जो लगाएगा,
करले भरोसा बाबा,
दौड़ा दौड़ा आएगा।।



सुख हो या दुःख प्यारे,

जब भी बुलाएगा,
करले भरोसा बाबा,
दौड़ा दौड़ा आएगा,
सुख हो या दुःख प्यारें,
जब भी बुलाएगा।।

Singer – Shivam Sharma


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