सांवरिया अर्ज करूँ,
वो कर जोड़,
हेलो तो सुणज्यो,
दास को दीनानाथ।।
सांवरा लोगा कि छूटी सत्संग,
रांडा को नाच,
नचा रिया वो दीनानाथ।।
सांवरा लोगा ने छोडयो गऊ और दूध,
चाय बीडी दारू,
पी रया वो दीनानाथ।।
सांवरा शाली व घरवाली सें हेत,
मायत के धक्का,
देय रिया वो दीनानाथ।।
सांवरा गऊ को खावे हत्यारा काट,
कुत्ता व मुर्गा,
पाल रिया वो दीनानाथ।।
सांवरा चहुँ दिश होवे धर्म कि हाण,
अवतार सुवा घर,
ले आज्यो वो दीनानाथ।।
सांवरिया अर्ज करूँ,
वो कर जोड़,
हेलो तो सुणज्यो,
दास को दीनानाथ।।
गायक – मनोहर परसोया।








