सवराटा रो मेलो आयो मेला में ढोल नगाडा बाजे रे

सवराटा रो मेलो आयो,
मेला में ढोल नगाडा बाजे रे झीण पडे,
मेला में ढोल नगाडा बाजे रे झीण पडे,
ए महादेव जी रो मेलो आयो झीण पडे,
अरे सवराटा मे मेलो आयो रे झीण पडे।।



ए वैघनाथ रो मन्दिर बनीयो,

बाबा रामदेव रो मन्दिर बनीयो,
ज्यारे लाल ध्वजा फरूकीजे रे झीण पडे,
अरे सवराटा मे मेलो आयो,
ढोल नगाडा बाजे रे झीण पडे।।



अरे माघ महिना मे मेलो लागे,

अरे माघ महिना मे मेलो लागे,
जटे दुनिया दर्शन आवे ओ झीण पडे,
जटे दुनिया दर्शन आवे ओ झीण पडे,
महादेव जी रो मेलो आयो,
रामदेवजी रो मेलो आयो रे झीण पडे।।



अरे मेवा मिठाई रा भोग लगावु,

अरे मेवा मिठाई रा भोग लगावु,
ए लाडूडा मेतो चाढू रे झीण पडे,
लाडूडा मेतो चाढू रे झीण पडे,
महादेव जी रो मेलो आयो रे झीण पडे।।



अरे मेवा मिठाई रा भोग लगावु,

अरे मेवा मिठाई रा भोग लगावु,
फुलडो रा हार चढावु रे झीण पडे,
फुलडो रा हार चढावु रे झीण पडे,
महादेव जी रो मेलो आयो रे झीण पडे।।



अरे अपना साउण्ड मे महिमा गावु,

अरे अपना साउण्ड मे महिमा गावु,
कैसेट गणपतजी बनावे रे झीण पडे,
रिकार्डिंग गणपतजी उतारे ओ झीण पडे,
प्रवीण बुरवाल साथे ओ झीण पडे,
कोसेलाव ती कोठी साथे ओ झीण पडे।।



सवराटा रो मेलो आयो,

मेला में ढोल नगाडा बाजे रे झीण पडे,
मेला में ढोल नगाडा बाजे रे झीण पडे,
ए महादेव जी रो मेलो आयो झीण पडे,
अरे सवराटा मे मेलो आयो रे झीण पडे।।

गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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