सांप री बम्बी पर डेरा,
ले लिया हरिराम जी,
मैं तो थाने सिवरुं,
जोसी जी महाराज।।
कण रे चिणायो थारो,
देवरो हरिराम जी,
कण रे लगाई गज,
निम हो महाराज,
सांप री बाम्बी पर,
डेरा ले लिया हरिराम जी।।
नगरी चिणायो थारो देवरो,
हरिराम जी,
सेवका लगाई गज,
निम हो महाराज,
सांप री बाम्बी पर,
डेरा ले लिया हरिराम जी।।
किता गज ऊँचो थारो,
देवरो हरिराम जी,
किता गज ऊंटी,
निम हो महाराज,
सांप री बाम्बी पर,
डेरा ले लिया हरिराम जी।।
नौ गज ऊँचो थारो देवरो,
हरिराम जी,
दस गज ऊँटी निम,
हो महाराज,
सांप री बाम्बी पर,
डेरा ले लिया हरिराम जी।।
चंदन चढावा थाने सेरनी,
हरिराम जी,
घोड़ी देहना गो काचो,
दूध हो महाराज,
सांप री बाम्बी पर,
डेरा ले लिया हरिराम जी।।
भगत मंडल री सुण लयो,
बिनती हरिराम जी,
राखो छतर वाली छांव,
हो महाराज,
सांप री बाम्बी पर,
डेरा ले लिया हरिराम जी।।
सांप री बम्बी पर डेरा,
ले लिया हरिराम जी,
मैं तो थाने सिवरुं,
जोसी जी महाराज।।
गायक – विनोद लोहरा।
प्रेषक – सुभाष चन्द्र।
9872148761








